DIL KI BATEN ,DIL HI JANE

तुझसे नाराज होकर तुझसे ही बात करने का मन।
ये दिल का सिलसिला भी, कभी न समझ पाये हम।।

TUJHSE NARAJ HO KER TUJHSE HI BAT I KRNE KA MAN
YE DIL KA SILSILA BHI KABHI NA SAMJH PAYE HUM
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प्यार भरी शायरी

ऐसा क्या लिखूँ की तेरे दिल को  तसल्ली हो जाए , क्या ये बताना काफी नहीं कि  मेरी  जिंदगी हो तुम