shubh sombar,शुभ सोमवार

इंसानियत,
बहुत बड़ा खज़ाना है,
उसे लिबास में नहीं,
इंसान में तलाश करें ।।
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*कमाई की परिभाषा सिर्फ धन से ही तय नही होती*

*रिश्ते, सन्मान, तजुर्बा, प्रेम और सेवा से ही कमाई की परिभाषा तय होती है*

                    *🌺जय सियाराम🌺*

2 टिप्‍पणियां:

प्यार भरी शायरी

ऐसा क्या लिखूँ की तेरे दिल को  तसल्ली हो जाए , क्या ये बताना काफी नहीं कि  मेरी  जिंदगी हो तुम