शुभ नवरात्रि

या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधाना कर मद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
shayaripub.in

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

pyari si good morning

     🌹सुना है तुम भी, दिल❤️ रखते हो     हमारी तरह, हमें भी चाहिए        कोई प्यारा सा दिल ❤️ 🌹