Good morning

यूँ तो रोज़ आते हैं,...सेंकडों परिंदे मेरी मुडेर पर।
पर किसी के भी पंजों में,,,,,तेरी चिठ्ठी कहाँ होती है...
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टूटे दिल की शायरी

फूल कागज के हैं तो खुशबू कहां से आए  जब जिस्म ही नहीं तो जीना कहां से आए । एहसास है उसे भी सूरज की प्यास का  जब खून ही नहीं तो पसीना कहां से...