Good night

अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं

रुख़ हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं

उस को रुख़्सत तो किया था मुझे मालूम था

सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला

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Good morning

     मुश्किल इंसान के हौसले आज़माती है,     सपनों के पर्दे आँखों से हटाती है,
   किसी भी बात से हिम्मत ना हारना;      ठोकर ही इंसान को चलना ...