उर्दू, हिंदी शायरी को दिल को छू ले

कौन खरीदेगा तेरे रुखसार से तेरी आंखों का पानी,,, 

वो जो  दर्द का ताजिर था मोहब्बत छोड़ दी उसने...
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کون خریدے گا تیرے رخسار سے تیری آنکھوں کا پانی،،،
وہ جو درد کا تاجر تھا، محبت چھوڑ دی اُس نے۔۔۔

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दीदार न सही याद ही कर लिया कर, हम नें कब कहा हमें हिचकियों से परहेज है.             shayaripub.in