thought of the day

एक हल्का सा हवा का झोंका 
  जलते दीपक को बुझा सकता है 
       परंतु अगरबत्ती को नहीं, 
                  क्योंकि 
   जो महकता है वही पुरा जीवन 
आनंदित रहता है और जो जलता है 
       वह खुद बुझ जाता है।
ek halka sa hawa jhonka
jalte dipak ko bujha skta hai
prntu agarvati ko nhi
kyunki jo  jivan hekta hai wo hi anandit
rehta hai,jo jalta hai wo khud hi bujh jata hai,
       Shayaripub.in

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

प्यार भरी good night

मेरी डायरी,  ख़त , यादें, सांसों की हर किताब  बताओ और कहाँ कहाँ लिखूँ मैं तुम्हारे नाम का हिसाब