Love shayari

तेरी मौजूदगी में तेरी दुनिया कौन देखेगा
तुझे मेले में सब देखेंगे मेला कौन देखेगा

जहाँ होती रही है मुद्दतों संगीत की बारिश
वहाँ तन्हा खामोशी का बसेरा कौन देखेगा

जरा रूकिए अभी जाते हैं क्यों शादी की महफ़िल से
हसीं रात है  देखी , तो सवेरा कौन देखेगा

न ठप हो जाए तेरा कारोबार मय का ओ साक़ी
तेरी आँखों के होते जामों मीना कौन देखेगा

बहुत सुन्दर तेरा संसार ऐ संसार के मालिक
मगर जब सामने तू है तो सपना कौन देखेगा

अदाए मस्त से बेख़ुद न कीजे सारी महफ़िल को
तमाशाई न होंगे तो तमाशा कौन देखेगा

मुझे बाज़ार की ऊँचाई-नीचाई से क्या मतलब
तेरे सौदे में सस्ता और महँगा कौन देखेगा

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thought of the day

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