मुहब्बत भरी शायरी

अंधेरे हैं तो कुछ दिये जला लिया करो
चाय पर दोस्तों को बुला लिया करो 
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जंगल में घूमते हिरन जैसी तुम
 सूरज की पहली किरण जैसी तुम

 दूर पहाड़ों से गिरते झरने जैसी तुम 
बारिश के बाद फूलों के संवरने जैसी तुम

 इटली के किसी पुराने शहर जैसी तुम
 रेगिस्तान में मीठी नहर जैसी तुम
                            अचला एस गुलेरिया 

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thought of the day

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