दर्दभरी शायरी

इतनी ठोकरे देने के लिए 
               शुक्रिया ए-ज़िन्दगी, 

चलने का न सही 
       सम्भलने का हुनर तो आ गया ।।
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प्यार भरी शायरी

ऐसा क्या लिखूँ की तेरे दिल को  तसल्ली हो जाए , क्या ये बताना काफी नहीं कि  मेरी  जिंदगी हो तुम