दर्दभरी शायरी

इतनी ठोकरे देने के लिए 
               शुक्रिया ए-ज़िन्दगी, 

चलने का न सही 
       सम्भलने का हुनर तो आ गया ।।
Shayaripub.in

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

latest good night shayari

अब थोड़ा अजनबी रहने दो मुझे, मैंने हर बार खास बनकर गैर होना महसूस किया है...!!!