सुविचार

जमाने में ऐसे भी किरदार हुआ करते थे
लोग एक दूसरे के वफादार हुआ करते थे।

 ऐसा भी कोई जमाना रहा है
हक उनको मिला जो हकदार हुआ करते थे 

आज बेचते हैं झूठ की तरकारी 
कभी सच के वो तरफदार हुआ करते थे
                                 Achlasguleria 
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love shayari

सकून मिलता है दो लफ्ज़ कागज पर   उतार कर, चीख भी लेते हैं और आवाज़ भी नहीं होती ।