तन्हाई की शायरी

जागती हूँ मैं अकेली जब सारी दुनियाँ सोती है
एक दर्द में डूबी तन्हाई उस  लम्बी रात में होती

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emotional 💕 shayari

ये रहस्य केवल रेलगाड़ियाँ जानती हैं...   किस तन का टिकट कहाँ का था....   और कौनसा मन... कौनसे स्टेशन पर‌ उतर गया.