यादों वाली शायरी

मैं हर शब्द समाई हूं 

जब भी खोलोगे ये क़िताब

मैं याद आऊँगी ...

बरसात की हर बूँद 
में
 मौजूद हूं यादें बनकर 

,कभी बारिशों में भीगोगे

तो याद आऊँगी....


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तेरे नाम की शायरी

अगर तुम सुन पाते ठहर के तो मेरी पूरी कहानी तुम ही थे...!