सुविचार

प्रकृति हम सबकी मां है हमारे लिए वह सब प्रकार की🌧️ व्यवस्थाएं करती है उसी के फल फूलों से हम अपना जीवन यापन करते हैं। उसी से इमारती 🎄लकड़ी लेकर अपने घर बनाते हैं ।आज मानव का लालच इतना बढ़ गया है कि वह पकृति नुकसान पहुंचा रहा है।
प्रकृति हमसे डरने लग पड़ी है 
🫒प्रकृति के लाल 
बन बैठे हैं उसका काल 🫒shayaripub.in

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सुविचार शायरी के साथ

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