दर्द भरी शायरी

हमेशा दर्द रो लेने से ही काम नहीं होता कभी-कभी लिख लेने से भी दर्द कम हो जाता है।

सकून मिलता है दो लफ्ज़ कागज पर 
 उतार कर, चीख भी लेते हैं और 
आवाज़ भी नहीं होती ।
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दर्द भरी शायरी

हमेशा दर्द रो लेने से ही काम नहीं होता कभी-कभी लिख लेने से भी दर्द कम हो जाता है। सकून मिलता है दो लफ्ज़ कागज पर   उतार कर, चीख भी लेते हैं ...