जबरदस्त शायरी दिल से

जो खानदानी रईस हैं वो
मिजाज रखते हैं नर्म अपना, 

        तुम्हारा लहजा बता रहा है,
        तुम्हारी दौलत नई-नई है।

ज़रा सा कुदरत ने क्या नवाज़ा
के आके बैठे हो पहली सफ़ में

        अभी क्यों उड़ने लगे हवा में
        अभी तो शोहरत नई नई है।

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pyar bhari jawardast shayari

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