attitude shayri

*लफ़्ज़ों में ही पेश कीजियेगा अपनेपन की दावेदारियाँ...*

*ये शहर-ए-नुमाइश है, यहाँ अहसास के जौहरी नहीं रहते!!*
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thought of the day

झुकी पलके हैं और होठों पर खामोशी है। आँखें बता रही हैं    अभी मोहब्बत नई-नई है।  अभी न आएगी नींद तुमको, अभी न हमको  चैन आएगा  बेचैनी बता रही...