Good Night

तुम्हे चाँद कहुँ मुमकिन तो है
रात भर तुझे कोई निहारे ये गवारा नही है
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 .                             हिन्दी शायरी दिल से 


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Good night

जुबांनों के पीछे मत चलो, कोई तुम्हें ऐसी..! कहानी नहीं सुनायेगा जिसमें वो खुद गद्दार हो..!!shayaripub.in!!