जय सिया राम




🌼जब जब होई धरम की हानि,🌼
🌼बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी।🌼
🌼तब तब प्रभु धरि विविध सरीरा,🌼
🌼हरहिं कृपानिधि सज्जन पीरा।🌼
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               🌼🌼🌼हिन्दी शायरी दिल से🌼🌼🌼 



 

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