मेरी क्षणिकाएं

मैं रेगिस्तानी प्यासा पनघट, 
               तुम हरिद्वार की गंगा हो 
मेरा जीवन रंगों से मिला नहीं
              तुम इन्द्रधनुष सतरंगा हो 
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                       हिन्दी शायरी दिल से 

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प्यार भरी शायरी

ऐसा क्या लिखूँ की तेरे दिल को  तसल्ली हो जाए , क्या ये बताना काफी नहीं कि  मेरी  जिंदगी हो तुम