जय सीयाराम राम

*जब तक आपका सामना आपकी सबसे बड़ी कमजोरी से नही हो जाता,*       
           *तब तक आपको अपनी सबसे बड़ी ताकत के बारे में पता नही चलता.*🌹  राम राम जी 🌹



मैं निवेदन करूं... किसी के जीवन में चंचुपात मत करना,, वो क्या कर रहा है... उनके कर्म हमें क्या लेना देना...

उनके कर्म तुम्हें भोगना है तो करो संगति... भोगना होता तो तुम छटक जाते....

चंचुपात नहीं ... अकारण से भी चंचुपात नही... जो जिये जा रहा है... बहती मन्दाकिनी में कंकड़ क्यो डाले...,, ध्यान करें,, स्नान करें,, पान करें,, दर्शन करें.....

कोई तुम्हारे जीवन में चंचुपात करें तो ... भला बुरा सब सुन लिजै...

कोई तुम्हें गाली दे ना तो समझना... सरस्वती जो दायी ओर थी वो बायी ओर हो गई है... उसका दोष नही है.. सरस्वती थक गई थी ... तो जरा इधर बैठ गई थी... और जहां से निकलते थे अद्भुत सूत्र वहां से गालियां निकलने लगी ...

विधात्री भी वाम हो जाती है... कभी कल्पना न करो ऐसा आदमी किसी की निंदा करें तो करें... इसमें किसी का दोष नहीं है ... सरस्वती बाये हो गई  ... फिर तुम्हारे गुणगान गए तो समझना दहिन (दाहिने) हो गई ... ऐसा मैं समझता हूं... 

इससे बड़ा फायदा होता है... सोचो यार इसीलिए कबीर साहब कहते हैं -‌ भला बुरा सबका सुन लीजिए...

- बापू
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