सुप्रभात

अभिमान क्यों, किससे और किसके लिए,जब सम्पूर्ण जीवन का गणितफल ही राख है।

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thought of the day

झुकी पलके हैं और होठों पर खामोशी है। आँखें बता रही हैं    अभी मोहब्बत नई-नई है।  अभी न आएगी नींद तुमको, अभी न हमको  चैन आएगा  बेचैनी बता रही...