सुप्रभात

अभिमान क्यों, किससे और किसके लिए,जब सम्पूर्ण जीवन का गणितफल ही राख है।

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प्यार भरी शायरी

ऐसा क्या लिखूँ की तेरे दिल को  तसल्ली हो जाए , क्या ये बताना काफी नहीं कि  मेरी  जिंदगी हो तुम