jai siya ram# जय सियाराम



*"पैसा" मानव इतिहास  की*
*सबसे खराब खोज है...*!
*लेकिन*.....
_*मनुष्य के 'चरित्र" को*_
_*परखने की सबसे*_
_*विश्वसनीय सामग्री है...!*_
         shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

thought of the day

झुकी पलके हैं और होठों पर खामोशी है। आँखें बता रही हैं    अभी मोहब्बत नई-नई है।  अभी न आएगी नींद तुमको, अभी न हमको  चैन आएगा  बेचैनी बता रही...