hare krishna

*हँसकर जीना दस्तूर है, ज़िदगी का ,*
🥀🥀🥀🥀🥀🥀
*एक यही किस्सा मशहूर ज़िदगी का....*
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
*बीते हुए पल कभी लौटकर नहीं आते,*
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
*यही सबसे बड़ा कसूर है ज़िदगी का....*
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good night

जुबांनों के पीछे मत चलो, कोई तुम्हें ऐसी..! कहानी नहीं सुनायेगा जिसमें वो खुद गद्दार हो..!!shayaripub.in!!