emotional shayari

एहसास-ए-आरजू को 
     दिल से मिटा न सकोगे... 
भूलना चाहो हमें... भूला न सकोगे
        
ये चिराग-ए-मोहब्बत दिल में
       जलाया है.. हमने.. 
जल जाओगे मगर... इसे बुझा न सकोगे 
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Good morning

इल्मो अदब के  सारे खजाने गुजर गए... क्या खूब थे वो लोग  पुराने गुजर गए,  बाकी है जमीं पे  फकत आदमी की भीड़,  इन्सां मरे हुए तो  ज़माने गुजर गए...