Good morning

         सुप्रभात
*इलाइची की महक ओढ़े*
*अदरक का श्रृंगार कर सजी थी*

*केतली की दहलीज से निकल कर*
*प्याली की डोली में बैठी थी*

*इस भागते हुए वक्त पर*
*कैसे लगाम लगाई जाए*

*ऐ वक्त ... आ बैठ*
*तुझे एक कप चाय पिलाई जाए*
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                        हिन्दी शायरी दिल से 

   

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Good night

जुबांनों के पीछे मत चलो, कोई तुम्हें ऐसी..! कहानी नहीं सुनायेगा जिसमें वो खुद गद्दार हो..!!shayaripub.in!!