emotional shayari # dil. shayrana

क्या, क्यूँ, कब, कैसा, वैसा कुछ भी नहीं है 
लैला और मजनू के जैसा तो कुछ भी नहीं है
 कई अधूरे किस्से है मोहब्बत के मोहल्ले में 
जैसा तुम समझते हो ऐसा कुछ भी नहीं है
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