emotional shayari # dil. shayrana

क्या, क्यूँ, कब, कैसा, वैसा कुछ भी नहीं है 
लैला और मजनू के जैसा तो कुछ भी नहीं है
 कई अधूरे किस्से है मोहब्बत के मोहल्ले में 
जैसा तुम समझते हो ऐसा कुछ भी नहीं है
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प्यार भरी शायरी

ऐसा क्या लिखूँ की तेरे दिल को  तसल्ली हो जाए , क्या ये बताना काफी नहीं कि  मेरी  जिंदगी हो तुम