emotional shayari # dil. shayrana

क्या, क्यूँ, कब, कैसा, वैसा कुछ भी नहीं है 
लैला और मजनू के जैसा तो कुछ भी नहीं है
 कई अधूरे किस्से है मोहब्बत के मोहल्ले में 
जैसा तुम समझते हो ऐसा कुछ भी नहीं है
                 Shayaripub.com Shayari 

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happy कृष्ण जन्माष्टमी

जो तू मिटाना चाहे जीवन की तृष्णा  सुबह शाम बोल बन्दे कृष्णा कृष्णा कृष्णा  Shayaripub.in