emotional shayari

हमारे  साथ  बहुत  दूर  तक  चले  आए
तुम्हारे साथ फ़क़त चार पल गुजारे हुए...
                     शायर.......तारा इक़बाल



बेवफ़ाई औ' ग़लाज़त इश्क़ में करके
लोग...... किस तरह ये मुस्कुराते हैं 

क्या किसी ने की है रुख़सत फिर ज़माने से 
कुछ नये तारे फ़लक पर टिमटिमाते हैं 

नींद से उठकर टटोलूँ धड़कनें दिल की
आजकल ख्वाबों में भी, वो दिल चुराते हैं 

आये थे दिल में मेरे वो ज़िन्दगी बनकर 
मौत देकर चल दिये कहकर ....कि जाते हैं

रात को सूरज निकलता है मुहब्बत में 
आजकल दिन में भी तारे जगमगाते हैं 

औरतों के हक़ में कुछ क़ानून हैं ऐसे
हुस्न की तारीफ़ करने पर डराते हैं
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happy कृष्ण जन्माष्टमी

जो तू मिटाना चाहे जीवन की तृष्णा  सुबह शाम बोल बन्दे कृष्णा कृष्णा कृष्णा  Shayaripub.in