Good night

फिक्र ना करो हम कोई जंजीर नहीं है 

            कि पाँव से लिपट जाएंगे हमे तों मुहब्बत हैं 

खाक बनके तेरी राहों में बिखर जाएंगे
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Good morning

इल्मो अदब के  सारे खजाने गुजर गए... क्या खूब थे वो लोग  पुराने गुजर गए,  बाकी है जमीं पे  फकत आदमी की भीड़,  इन्सां मरे हुए तो  ज़माने गुजर गए...