shayari,

मुझ पर भरोसा नहीं है तो रिश्ता क्यों?
 सच है तू बुलंद आवाज में कहो
.... इतना आहिस्ता क्यों? 
            अचला 
   ..shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

pyarbhari goodmorning#suparbhart

दीया 🪔 हो के न हो दिल जला के रखते हैं हम आँधियों में भी तेवर बला के रखते हैं मिला दिया है पसीना भले ही मिट्टी में हम अपनी आँख का पानी बचा क...