shayari,

मुझ पर भरोसा नहीं है तो रिश्ता क्यों?
 सच है तू बुलंद आवाज में कहो
.... इतना आहिस्ता क्यों? 
            अचला 
   ..shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good night

जुबांनों के पीछे मत चलो, कोई तुम्हें ऐसी..! कहानी नहीं सुनायेगा जिसमें वो खुद गद्दार हो..!!shayaripub.in!!