हरे कृष्ण, hare krishna

अजीब खेल है उस परमात्मा का
         लिखता भी वही है
          मिटाता भी वही है
भटकाता है राह तो
दिखाता भी वही है
        उलझाता भी वही है
        सुलझाता भी वही है
जिंदगी की मुश्किल घड़ी में
दिखता भी नहीं मगर
        साथ देता भी वही है ..
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Good night

जुबांनों के पीछे मत चलो, कोई तुम्हें ऐसी..! कहानी नहीं सुनायेगा जिसमें वो खुद गद्दार हो..!!shayaripub.in!!