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ज़ज्बातों का सैलाब हूँ मैं
तू मेरी खामोशी पर ना जा
हाथ भी जो पकडूँ 
तेरी रूह में उतर जाऊँगा ...!!

JAJWATON KA SAILAB HUN MAIN
 TU MERI HAMOSHI PER NA JA
HATH BHI JO PAKRUN
TERI RUH MEIN UTAR JAUNGA
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