दर्द भरी शायरी

थोड़ा तोआंसूओं के साथ बाहर निकल ए दर्द,

इतना भी क्यूँ जिद्दी बना बैठा है सीने में...
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thought of the day

झुकी पलके हैं और होठों पर खामोशी है। आँखें बता रही हैं    अभी मोहब्बत नई-नई है।  अभी न आएगी नींद तुमको, अभी न हमको  चैन आएगा  बेचैनी बता रही...