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दुश्मन मेरे निशाने पर था ..मगर प्यासा था,
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मैं जंग जीत गया । उसे पानी पिलाकर।।
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pyar bhra safar

आज सफर में कुछ दो चार बातें होगी ,        कमबख्त मंजिल आते ही हम फिर नए मोड़ पे होंगे !!                 Shayaripub.in