MAST SHAYARI


फ़िर लिखेंगे नये सिरे से 
कहानी अपनी 
ये बरबादियों का दौर 
ख़त्म हो जाने दो ज़रा  
FIR LIKHENGE NAYE SIRE SE
KAHANI APNI  
YE BARVADIYAN KA DOUR 
KHATAM HO JANE DO JRA

                       Shayaripub.in

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

सुविचार

प्रकृति हम सबकी मां है हमारे लिए वह सब प्रकार की🌧️ व्यवस्थाएं करती है उसी के फल फूलों से हम अपना जीवन यापन करते हैं। उसी से इमारती 🎄लकड़ी ...