good night shayari

वो ही......

ड़ूबता...दिन...
     भागती...शाम...


एक...और...दिन...
    तेरी...य़ादो के...नाम...
                           अचलाएस गुलेरिया 
                              Shayari pub.in

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

सुविचार

प्रकृति हम सबकी मां है हमारे लिए वह सब प्रकार की🌧️ व्यवस्थाएं करती है उसी के फल फूलों से हम अपना जीवन यापन करते हैं। उसी से इमारती 🎄लकड़ी ...