Goodnight

मैं दौड़ दौड़ के ख़ुद को पकड़ के लाता हूँ।

ये कैसा इश्क सिखा दिया है मुझे
तुम्हारे इश्क़ ने बच्चा बना दिया है मुझे 
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Good night

जुबांनों के पीछे मत चलो, कोई तुम्हें ऐसी..! कहानी नहीं सुनायेगा जिसमें वो खुद गद्दार हो..!!shayaripub.in!!