Good morning

कौन कहता है मुहुब्बत की जुबाँ होती है
ये हकीक़त तो निगाहों से बयाँ होती है।

वो न आये तो सताती है खलिश सी दिल को
वो जो आये तो खलिश और जवाँ होती है।
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Good night

जुबांनों के पीछे मत चलो, कोई तुम्हें ऐसी..! कहानी नहीं सुनायेगा जिसमें वो खुद गद्दार हो..!!shayaripub.in!!