टूटे दिल की शायरी

फूल कागज के हैं तो खुशबू कहां से आए 
जब जिस्म ही नहीं तो जीना कहां से आए ।
एहसास है उसे भी सूरज की प्यास का 
जब खून ही नहीं तो पसीना कहां से आए।।
         Achlasguleria 
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