सुबह चाय के साथ शायरी

🌹आंख मिले ना चाहे ..हाथ मिले ना
दिल मिलने को है.. प्यार जरूरी🌷

🌹तेरे मिलन  की ...राह जोहती 
रोज खिलाउं... काग को चूरी🌷
🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞
हम घर से चुपचाप निकल तो गए हैं पर
इतने से वाक़िए का फ़साना बहुत हुआ

अब हम हैं और सारे ज़माने की दुश्मनी
उस से ज़रा सा इश्क़, बढ़ाना बहुत हुआ

अब क्यूं न खुद के लिए ही जिया जाए यारो
इस आशिक़ी में जान से जाना बहुत हुआ

आज भी नहीं है एतबार उसको हम पर 
माना कि उस से मिलना मिलाना बहुत हुआ 
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