प्रेम कभी नहीं हारता


परास्त नही होता 
कोई भी प्रेम में,
कभी भी-
अस्त हो जाता है मन 
कुछ क्षण के लिए,
पराजय तो रण में है
प्रेम समय है
सत्य है 
उदय होता है
अस्त होता है,
पराजित नही ...

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

प्रेम कभी नहीं हारता

परास्त नही होता  कोई भी प्रेम में, कभी भी- अस्त हो जाता है मन  कुछ क्षण के लिए, पराजय तो रण में है प्रेम समय है सत्य है  उदय होता है अस्त हो...