वो जरा जरा मुस्कुराने लगे हैं
मगर इस में ज़माने लग गए हैं
किसी की सोहबत का असर है
ये आँसू मुस्कुराने लग गए हैं
कहानी रुख़ बदलना चाहती है
नए किरदार आने लग गए हैं
मेरी खामोशी मेरी कमजोरी बन गई
कि अब पत्थर भी आज़माने लग गए हैं
लगता है जंगल की आग बुझ गई है
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