latest love shayari

वो जरा जरा मुस्कुराने लगे हैं
मगर इस में ज़माने लग गए हैं

किसी की सोहबत का असर है
ये आँसू मुस्कुराने लग गए हैं

कहानी रुख़ बदलना चाहती है
नए किरदार आने लग गए हैं

मेरी खामोशी मेरी कमजोरी बन गई
कि  अब पत्थर भी आज़माने लग गए हैं

लगता है जंगल की आग बुझ गई है
परिंदे यहाँ आने जाने लग गए हैं



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

my latest shayari

मुझे पता है कुछ रास्ते ,जो कहीं,  आते नहीं, कहीं  जाते नहीं हैं।   उन रास्तों पर निकलने वाले,  उनको कभी भूल पाते नहीं हैं। बेफिक्र उठ जाते ह...