दर्द भरी शायरी

गुजरे वक्त की हसीन यादों में खो जाने दो
जब तक अंधेरा है
दिल के शहर में
मुझे बस सो जाने दो   

खिल उठा चमन  उसकी एक नज़र से,
पत्ते पत्ते से आने लगी महक इश्क़ की।

उसका मुड़ के देखना !कुछ इस तरह
सारी कायनात पर छा गई चमक इश्क़ की।

वह तो बे दिल है दिल रखता ही नहीं
उसे क्या पता क्या होती है कसक इश्क़ की।

                           

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

latest sad 😭 shayari

,🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 चार दिनों की उम्र मिली है और फ़ासले जन्मों के! इतने कच्चे रिश्ते क्यों हैं इस दुनिया में अपनों के!! ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️ हँसने...