दर्द भरी शायरी

गुजरे वक्त की हसीन यादों में खो जाने दो
जब तक अंधेरा है
दिल के शहर में
मुझे बस सो जाने दो   

खिल उठा चमन  उसकी एक नज़र से,
पत्ते पत्ते से आने लगी महक इश्क़ की।

उसका मुड़ के देखना !कुछ इस तरह
सारी कायनात पर छा गई चमक इश्क़ की।

वह तो बे दिल है दिल रखता ही नहीं
उसे क्या पता क्या होती है कसक इश्क़ की।

                           

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