दिल शायराना # emotional shayari

हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए

आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी
शर्त थी लेकिन कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए

हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गांव में
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए

सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए

मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए
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साभार: कविता कोश

चलो सफर पर निकले साथ साथ 
मेरे ख्यालों के हाथ में तेरे सपनों के हाथ 
वंदिशों की किश्ती पतवार दूरियों की
समंदर खवाबों का लहरें मजबूरियों की
अहसास की परतों में आरजूओं की तपन
साँसों के आहट में विरह की अगन 
तमन्नाओं में मेरी बसा तेरा बजूद 
हवायें छू रही या तू भी है मौजूद 
लगा कहीं तू भी है मौजूद 
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चलो सफर पर निकले साथ साथ 
मेरे ख्यालों के हाथ में तेरे सपनों के हाथ 
वंदिशों की किश्ती पतवार दूरियों की
समंदर खवाबों का लहरें मजबूरियों की
अहसास की परतों में आरजूओं की तपन
साँसों के आहट में विरह की अगन 
तमन्नाओं में मेरी बसा तेरा बजूद 
हवायें छू रही या तू भी है मौजूद 
लगा कहीं तू भी है मौजूद
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good night

हर कोई अधूरा है...

     किसी अपने के बिना... 
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🌹🌹मेरे तुम्हारे बीच कुछ नहीं
सिर्फ एहसास , कुछ संवाद
कुछ आधी , अधूरी बातें
और कहने को कुछ नहीं
सिर्फ फिक्र, एक दूजे की
और कुछ नहीं..
न कभी तुमने कुछ कहा
न मैंने कुछ सुना..
फिर भी वो एहसास बिन कहे
सुन लेने का..महज कहने की बात है
एक दूजे के साथ लिए दूर होकर भी
इतने करीब होना.. मीठा सा एहसास
छू जाता है दिल को, यही बंधन मुझे
मुक्त नहीं करा पाया तुझसे...🌹
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Good morning

था  तो ग़लत उसके वादों पर शक करना…मगर,

दर्द ये है कि शक सही निकला।

दिलों को दिलो से मिलाते चलो! 
,,,,,,,,,,,,,,,मुहब्बत के नगमें सुनाते चलो!! 

अगर हो मुहब्बत किसी से कभी, 
,,,,,,,,,,,,,,,,,,उसी से सदा  तुम निभाते  चलो  ! 

दिलों में रहेगी मुहब्बत जवा, 
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,वफा के सदा गीत गाते चलो! 

न हो नफरतों का अधेरा कभी, 
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,चरागे  मुहब्बत  जलाते चलो! 

मिलेगी सफलता कभी ना 
हमेशा कदम को बढ़ाते चलो! 

कभी भी दिलो में ना नफरत पले, 
वतन के लिए जा लुटाते चलो! 

हयात-ए सफर है घड़ी दो घड़ी,वफा
 रस्मे उल्फत निभाते चलो।
आपका  ये भरोसा सलामत रहे, 
यही बात सबको बताते चलो! 
         
मैं प्रेम  बन जाऊँ और तुम रूह की तलब

बस यूँ ही जी लेगे हम मोहब्बत बनकर ।              🙏🙏🙏🙏🙏shayaripub.in🙏🙏🙏🙏

∥ आयुर्वेदिक दोहे ∥

∥ आयुर्वेदिक दोहे ∥

१Ⓜदही मथें माखन मिले, केसर संग मिलाय,
होठों पर लेपित करें, रंग गुलाबी आय..
२Ⓜबहती यदि जो नाक हो, बहुत बुरा हो हाल,
यूकेलिप्टिस तेल लें, सूंघें डाल रुमाल..
३Ⓜअजवाइन को पीसिये , गाढ़ा लेप लगाय,
चर्म रोग सब दूर हो, तन कंचन बन जाय..
४Ⓜअजवाइन को पीस लें , नीबू संग मिलाय,
फोड़ा-फुंसी दूर हों, सभी बला टल जाय..
५Ⓜअजवाइन-गुड़ खाइए, तभी बने कुछ काम,
पित्त रोग में लाभ हो, पायेंगे आराम..
६Ⓜठण्ड लगे जब आपको, सर्दी से बेहाल,
नीबू मधु के साथ में, अदरक पियें उबाल..
७Ⓜअदरक का रस लीजिए. मधु लेवें समभाग,
नियमित सेवन जब करें, सर्दी जाए भाग..
८Ⓜरोटी मक्के की भली, खा लें यदि भरपूर,
बेहतर लीवर आपका, टी.बी भी हो दूर..
९Ⓜगाजर रस संग आँवला, बीस औ चालिस ग्राम,
रक्तचाप हिरदय सही, पायें सब आराम..
१०Ⓜशहद आंवला जूस हो, मिश्री सब दस ग्राम,
बीस ग्राम घी साथ में, यौवन स्थिर काम..
११Ⓜचिंतित होता क्यों भला, देख बुढ़ापा रोय,
चौलाई पालक भली, यौवन स्थिर होय..
१२Ⓜयलाल टमाटर लीजिए, खीरा सहित सनेह,
जूस करेला साथ हो, दूर रहे मधुमेह..
१३Ⓜप्रातः संध्या पीजिए, खाली पेट सनेह, 
जामुन-गुठली पीसिये, नहीं रहे मधुमेह..
१४Ⓜसात पत्र लें नीम के, खाली पेट चबाय, दूर करे मधुमेह को, सब कुछ मन को भाय..
१५Ⓜसात फूल ले लीजिए, सुन्दर सदाबहार,
दूर करे मधुमेह को, जीवन में हो प्यार..
१६Ⓜतुलसीदल दस लीजिए, उठकर प्रातःकाल,
सेहत सुधरे आपकी, तन-मन मालामाल..
१७Ⓜथोड़ा सा गुड़ लीजिए, दूर रहें सब रोग,
अधिक कभी मत खाइए, चाहे मोहनभोग.
१८Ⓜअजवाइन और हींग लें, लहसुन तेल पकाय,
मालिश जोड़ों की करें, दर्द दूर हो जाय..
१९Ⓜऐलोवेरा-आँवला, करे खून में वृद्धि, 
उदर व्याधियाँ दूर हों,जीवन में हो सिद्धि..
२०Ⓜदस्त अगर आने लगें, चिंतित दीखे माथ,
दालचीनि का पाउडर, लें पानी के साथ..
२१Ⓜमुँह में बदबू हो अगर, दालचीनि मुख डाल,
बने सुगन्धित मुख, महक, दूर होय तत्काल..
२२Ⓜकंचन काया को कभी, पित्त अगर दे कष्ट,
घृतकुमारि संग आँवला, करे उसे भी नष्ट..
२३Ⓜबीस मिली रस आँवला, पांच ग्राम मधु संग, 
सुबह शाम में चाटिये, बढ़े ज्योति सब दंग..
२४Ⓜबीस मिली रस आँवला, हल्दी हो एक ग्राम,
सर्दी कफ तकलीफ में, फ़ौरन हो आराम..
२५Ⓜनीबू बेसन जल शहद, मिश्रित लेप लगाय,
चेहरा सुन्दर तब बने, बेहतर यही उपाय..
२६.Ⓜमधु का सेवन जो करे, सुख पावेगा सोय,
कंठ सुरीला साथ में, वाणी मधुरिम होय.
२७.Ⓜपीता थोड़ी छाछ जो, भोजन करके रोज,
नहीं जरूरत वैद्य की, चेहरे पर हो ओज..
२८Ⓜठण्ड अगर लग जाय जो नहीं बने कुछ काम, नियमित पी लें गुनगुना, पानी दे आराम..
२९Ⓜकफ से पीड़ित हो अगर, खाँसी बहुत सताय,
अजवाइन की भाप लें, कफ तब बाहर आय..
३०Ⓜअजवाइन लें छाछ संग, मात्रा पाँच गिराम, कीट पेट के नष्ट हों, जल्दी हो आराम..
३१Ⓜछाछ हींग सेंधा नमक, दूर करे सब रोग,
जीरा उसमें डालकर, पियें सदा यह भोग..।

☝कृपया इस मैसेज को अपने 10 परीजनो और अपने गण से अवगत कराए...

Good morning

हमारा व्यवहार ही हमारी पहचान है,

वर्ना एक नाम के तो हजारों इन्सान हैं..
        Good morning
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good morning

शिकायत नहीं ज़िन्दगी से की, तेरा साथ नहीं,
बस तुम खुश रहना यार,
हमारी तो कोई बात नहीं।

Good Evening

टूटी फूटी कश्ती... और एक खुश्क समंदर देखा था... 
कल रात 
झाँक के मैंने,,अपने अंदर देखा था!
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सुप्रभात, good morning

अपनी मंजिल का रास्ता,दूसरों से पूछोगे तो भटक जाओगे,क्यूँकि आपकी मंजिल की अहमियत,जितनी आप जानते हो उतनी और कोई नहीं जानता…
                ..शुभ प्रभात
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Good morning

इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,
                        यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा,
     दोपहर से बैठे रहते हैं यह आस पाले,
                     कि कब  आएगा  पैगाम तेरा,...
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सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो 
सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो 

किसी के वास्ते राहें कहाँ बदलती हैं 
तुम अपने आप को ख़ुद ही बदल सको तो चलो 

यहाँ किसी को कोई रास्ता नहीं देता 
मुझे गिरा के अगर तुम सँभल सको तो चलो 

कहीं नहीं कोई सूरज धुआँ धुआँ है फ़ज़ा 
ख़ुद अपने आप से बाहर निकल सको तो चलो 

यही है ज़िंदगी कुछ ख़्वाब चंद उम्मीदें 
इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो
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Good morning

एक ग़लती हर रोज़ कर रहे हैं हम,, 
जो मिलेगा ही नहीं उस पे मर रहे हैं हम..
एक स्त्री हूँ,
सच है कि मैं,
पावन हूँ तुलसी सी,
पर कभी कभी,
गुलमोहर सी,
हो जाना चाहती हूँ,
कुछ खिली खिली सी,
कुछ नारंगी सी ,
रंगत लिऐ ,
बिना किसी ,
उद्देश्य के ,
मस्त हो जाना 
चाहती हूँ।

मैं एक स्त्री हूँ,
सच है कि मैं,
महकती हूँ बेला सी,
पर कभी कभी ,
गुलाब होना चाहती हूँ,
खुशबू तो हो मुझमें,
रंगत भी प्यारी हो ,
पर कुछ कांटो की ,
तरह थोङा थोङा सा,
चुभना चाहती हूँ।

मैं एक स्त्री हूँ,
सच है कि मैं,
रोशन हूँ चाँद सी,
पर कभी कभी,
मैं बादल सी ,
अंधियारी ,
होना चाहती हूँ,
चमक कर,
थोङी थोङी,
बिजली सी,
बिन कारण ,
बरसना चाहती हूँ ...
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Good morning,#shayaripub.in

मिलन, ख़्वाब, उल्फ़त या मुहब्बत से सजा मुझको मेरे किरदार को तासीर दे…आ गुनगुना मुझको            Shayaripub.in