यह तेरा शहर उदास इतना भी क्यों है?
जिसे देखे जमाने गुजर गए वह पास इतना भी क्यों है?
Shayari means "poetry" in english. But even after being synonymous to each other , both represent a very different depth to expression of the writer. Shayari is magical as it can mean different for every set of eyes that taste it through the sense of sight. It has no topic or a targeted demographic. It is made for everyone and everything. Though the great works in Shayari cannot be replicated but yes a new content based on our modern society can be created. The timelessness of shayari awaits.
Good morning
अहंकार में इंसान को इंसान नहीं दिखता ,
जैसे
छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही मकान नहीं दिखता।।
....Shayaripub.com
🌿🍁_*GOOD MORNING-*🍁🌿
“ *भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है*, *जो रास्ता आसान लगता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है*। *आपने रास्ते खुद चुने, क्योंकि आपको खुद से बेहतर कोई नहीं जानता।।
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साधु का न्यूयार्क में एक बड़े पत्रकार
इंटरव्यू ले रहे थेः
पत्रकार-
सर, आपने अपने लास्ट लेक्चर में
*संपर्क* (Contact) और
*जुड़ाव* (Connection)
पर स्पीच दिया लेकिन यह बहुत कन्फ्यूज करने वाला था। क्या आप इनका अंतर समझा सकते हैं ?
साधु मुस्कराये और उन्होंने कुछ अलग...
पत्रकारों से ही पूछना शुरू कर दियाः
"आप न्यूयॉर्क से हैं?"
पत्रकार: "Yeah..."
संन्यासी: "आपके घर मे कौन-कौन हैं?"
पत्रकार को लगा कि.. साधु उनका सवाल
टालने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि
उनका सवाल बहुत व्यक्तिगत और
उसके सवाल के जवाब से अलग था।
फिर भी पत्रकार बोला : मेरी "माँ अब नही हैं, पिता हैं तथा 3 भाई और एक बहन हैं !
सब शादीशुदा हैं। "
साधू ने चेहरे पर मुस्कान लाते हुए पूछा:
"आप अपने पिता से बात करते हैं?"
पत्रकार चेहरे से गुस्सा झलकने लगा...
साधू ने पूछा, "आपने अपने फादर से
last कब बात की थीं ?"
पत्रकार ने अपना गुस्सा दबाते हुए जवाब दिया : "शायद एक महीने पहले।"
साधू ने पूछा: "क्या आप भाई-बहन अक़्सर मिलते हैं? आप सब आखिर में कब मिले
एक परिवार की तरह ?"
इस सवाल पर पत्रकार के माथे पर पसीना
आ गया कि , इंटरव्यू मैं ले रहा हूँ या ये साधु ?
ऐसा लगा साधु, पत्रकार का इंटरव्यू ले रहा है?
एक आह के साथ पत्रकार बोला : "क्रिसमस
पर 2 साल पहले".
साधू ने पूछा: "कितने दिन आप सब
साथ में रहे ?"
पत्रकार अपनी आँखों से निकले
आँसुओं को पोंछते हुये बोला : "3 दिन...!"
साधु: "कितना वक्त आप भाई-बहनों ने
अपने पिता के बिल्कुल करीब बैठ कर गुजारा ?
पत्रकार हैरान और शर्मिंदा दिखा और
एक कागज़ पर कुछ लिखने लगा...।
साधु ने पूछा: " क्या आपने पिता के साथ नाश्ता , लंच या डिनर लिया ?
क्या आपने अपने पिता से पूछा के वो कैसे हैं ?
माता की मृत्यु के बाद उनका वक्त
कैसे गुज़र रहा है...!
साधु ने पत्रकार का हाथ पकड़ा और कहा: " शर्मिंदा, या दुःखी मत होना।
मुझे खेद है अगर मैंने आपको
अनजाने में चोट पहुँचाई हो,
लेकिन ये ही आपके सवाल का जवाब है । *"संपर्क और जुड़ाव"*
*(Contact and Connection)*
आप अपने पिता के सिर्फ संपर्क
*(Contact)* में हैं
पर आपका उनसे कोई 'Connection' *(जुड़ाव )* नही हैं।
*You are not connected to him.*
*आप अपने father से संपर्क में हैं*
*जुड़े नही हैं*
*Connection* हमेशा आत्मा से
आत्मा का होता है।
heart से heart होता है।
एक साथ बैठना, भोजन साझा करना और
एक दूसरे की देखभाल करना, स्पर्श करना,
हाथ मिलाना, आँखों का संपर्क होना,
कुछ समय एक साथ बिताना
आप अपने पिता, भाई और बहनों के
संपर्क *('Contact')* में हैं लेकिन
आपका आपस में कोई' जुड़ाव *'(Connection)* नहीं हैं".
पत्रकार ने आँखें पोंछी और
बोला: "मुझे एक अच्छा और अविस्मरणीय
सबक सिखाने के लिए धन्यवाद".
आज यह भारत की भी सच्चाई हो चली है।
सबके हज़ारों संपर्क *(contacts)* हैं
पर कोई *जुड़ाव connection* नहीं हैं।
कोई विचार-विमर्श नहीं है।
हर आदमी अपनी-अपनी नकली दुनियाँ में
खोया हुआ है।
वो साधु और कोई नहीं
*" स्वामी विवेकानंद" थे।”*
🙏🏻
Good morning
सफलता की ऊँचाई पर
संतुलन और धीरज ज़रूरी है
आकाश कितना ही ऊँचा हो
बैठने की जगह किसी को नहीं देता
Good morning
भूल सकते हो तो भूल जाओ इजाजत है तुम्हें...,
ना भूल पाओ तो लौट आना ऐक भूल
की इजाजत है तुम्हें. !!
Good morning
जरूरत और चाहत में बहुत फ़र्क है…कमबख्त़,,
इसमे तालमेल बिठाते बिठाते ज़िन्दगी ही गुज़र गई,.. सुप्रभात
Good morning
एक व्यक्ति आप को दो बार एक ही सबक सिखाये तो गलती उसकी नहीं आप की है !!!
🌹।।।।।।।।।।। सुप्रभात ।।।।।।।।।।।🌹
Good morning
ऊँचा उठने के लिए पंखों की ज़रुरत केवल पक्षियों को ही पड़ती है.
मनुष्य तो जितना विनम्रता से झुकता है, उतना ही ऊपर उठता है ....!!!
जय श्री राधे कृष्ण
Good morning
वो हमारे दिल से निकलने का
रास्ता भी नहीं ढूंढ सके
जो कहते थे..
तुम्हारी रग रग से वाकिफ हैं हम..
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Good morning,#shayaripub.in
मिलन, ख़्वाब, उल्फ़त या मुहब्बत से सजा मुझको मेरे किरदार को तासीर दे…आ गुनगुना मुझको Shayaripub.in
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जग तो देखे महज प्रस्तुतीकरण तुम्हारा ईश्वर सदा ही देखे अंतः करण तुम्हारा धर्म-कर्म सब उसको अर्पित कर दो अपने सहज भाव से पूरे हो...
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वो हमारे दिल से निकलने का रास्ता भी नहीं ढूंढ सके जो कहते थे.. तुम्हारी रग रग से वाकिफ हैं हम.. Shayaripub.in