Good morning

पानी के बिना - नदी बेकार है
                 और
अतिथि के बिना - आँगन बेकार है
प्रेम ना हो तो - सगे सम्बन्धी बेकार है
                   और
जीवन में दोस्त ना हो तो - जीवन बेकार है
कच्चे मकान देखकर किसी से रिश्ता ना तोडना         
              क्योंकि
 मिट्टी की पकड बहुत मजबूत होती है
                और
संगमरमर पर तो अक्सर पैर फिसलते  है

हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
  हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे
               प्रातः वन्दन जी🌹🌹🌹🌹🌹🌹shayaripub.com🌹🌹🌹🌹🌹🌹
💙💙💙💙💙हिन्दी शायरी दिल से  💙💙💙💙💙💙

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