जय सिया राम


भए प्रगट कृपाला, दीनदयाला,
कौसल्या हितकारी।
हरषित महतारी, मुनि मन हारी,
अद्भुत रूप बिचारी॥
।।मंगला आरती दर्शन।।
।।मर्यादा पुरषोत्तम रघकुल शिरोमणि जानकी प्राण आधार श्री रामचंद्र भगवान के प्रागत्य उत्सव "रामनवमी" की समग्र विश्व को अनंत कोटि परम मंगल बधाई।।
।।श्री राम, जय राम, जय जय राम।।
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                हिन्दी शायरी दिल से 

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