emotional shayari

कुछ गहरा सा लिखना था, 
             प्रेम से ज्यादा क्या लिखूँ..?

कुछ ठहरा सा लिखना था, 
                दर्द से ज्यादा क्या लिखूँ..?
 
कुछ समन्दर सा लिखना था, 
             आँसू से ज्यादा क्या लिखूँ..?

कुछ अपना सा लिखना था, 
            आँखो से ज्यादा क्या लिखूँ..?

कुछ खुशबू सा लिखना था, 
           किरदार से ज्यादा क्या लिखूँ..?

अब जीवन सा प्यारा लिखना था
           तुमसे ज्यादा क्या लिखूँ..?
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               ।।         हिन्दी शायरी दिल से।       ।।

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Good night

जुबांनों के पीछे मत चलो, कोई तुम्हें ऐसी..! कहानी नहीं सुनायेगा जिसमें वो खुद गद्दार हो..!!shayaripub.in!!