sad shayari # ज़ख्मी दिल

मुझे मालूम नहीं उससे
अलग हो जाने की वजह...!
न जाने हवाएं तेज़ थीं या मेरा
उस शाख से रिश्ता कमज़ोर
था...!!
      Shayaripub.com 
                         हिन्दी शायरी दिल से 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

good night

बड़ी हसरत से देखते हो चांद को कोई वहां रहता है क्या तुम्हें साथ देख कर मेरे  तुमसे कुछ कहता है क्या         Shayaripub.in