#emotional shayari # शायरी#

मेरी महबूबा की शर्मो हया का है अज़ब  हीआलम.

मेरे अल्फाज तो पढ़ती है मेरी आँखें नहीं पढ़ती.
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Good night

जुबांनों के पीछे मत चलो, कोई तुम्हें ऐसी..! कहानी नहीं सुनायेगा जिसमें वो खुद गद्दार हो..!!shayaripub.in!!